Saturday, March 25, 2023

“” बदहवासी की हद या प्यार की तड़प “”

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“”The Extent of Madness or the Yearning of love”

“” बदहवासी की हद या प्यार की तड़प “”

जब जब सांस थोड़ी सी मंद होती है,
न जाने क्यों फिर याद आती है तेरी अब भी ;
तू सामने होती तो पूछता तुझे ,
तेरे आभास से क्यों हो जाती हैं नम , मेरी आँखें आज भी ;

है जो मोहब्बत का असर अब भी,
तो क्यों न पढ़ पाया दर्द, तेरे प्यार का कल और आज भी ;
ये इश्क़ का जनूँ है या पागलपन मेरा,
ना समझ पाया था दिल की बात तुम्हारी कल और ना ही आज भी ;

हवा का झोंका जो छू कर गया ,
लगता है कुछ कह कर गया वो मुझे अब भी ;
बदकिस्मती देख रोई किस्मत जो हमारी ,
तब कुछ कह नहीं पाया था और आज फिर तूने जो कहा उसे सुन न पाया अब भी ;

दांतों के बीच जब उंगली दबी ,
आवाज जो निकली गुफ्तगू में ऐसी बैचनी अब भी ;
ऑंख से छलका अश्रु जो गिरा हाथ पर ,
दिल से पहले आह निकली और फिर चीख़ ने जिंदगी से कहा दर्द की कोई तो होगी इन्तहा अब भी;

आवाज जो आयी जानूँ ,
झट से पलट देखा तो वहां कोई न था हमारे करीब अब भी ;
बदहवासी की हद या प्यार की तड़प का मर्ज है जो मेरा ,
वो आस पास कहीं नहीं है मेरे और फिर भी क्यों लगता है यहीं कहीं है वो मौजूद आज भी ;

मानस जिले सिंह
【यथार्थवादी विचारक 】
अनुयायी – मानस पंथ
उद्देश्य – मानवीय मूल्यों की स्थापना में स्वावलंबन के नियम को सामाजिक जीवन शैली में चिरतार्थ करवाने के लिए प्रयासरत रहना।

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Sanjay Nimiwal
Sanjay
11 months ago

दिल के कोने में आज भी,

उनके लिए एक जगह है।

इसे चाहे कुछ भी नाम दें…..

Devender
Devender
11 months ago

झक्कास तडप

Garima Singh
Garima Singh
10 months ago

प्यार होता नहीं सबसे, करने वाला जानता है होने का मजा,

प्यार होता नहीं सबसे, बस निभाने वाला जानता है होने की वजा |

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