Friday, February 3, 2023

“” दुःख वास्तविक मित्र “”

More articles

“” Troubles are Real Friends “”
“” दुःख वास्तविक मित्र “”

दुःख से जुड़ाव , या फिर अजीब सा लगाव सदैव रहा हमसे ;
जैसे कोई स्नेहाशीष बरसा रहा हो, या फिर दुलार लुटा रहा हो हमपे ;

दुःख ने अचंभित हो कहा, जो किनारा किया सबने हमसे ;
तब तूने क्यों दिललगी निभाई , जैसे कोई दीवाना किसी को चाहता हो अटूट प्यार से ;

रे दुःख क्या कहूँ वो भी इस तरह , न जाने क्यूँ एक दूजे से पहचान जो हो रखी है बहुत पहले से ;
वैसे तो नज़दीकी बनती ही है , जब स्वभाव या विचार हो एक जैसे ;

न जात ना ही पंथ टकराते हैं हम दोनों के , हम तो भीड़ में रहते हुए भी होते हैं एकांत में वैसे ;
पगले फिर क्यों न निभाते , वफ़ादारी के साथ मित्रता भी तुमसे ;

फिर दुःख ने कहा , क्यों वफ़ा इस तरफ निभाई हमसे ;
जहां दुनिया तो काँपती ही है, अब भी थर्र थर्र मेरे नाम से ;

रे दुःख , तुम्हारी क़ाबिलियत के बारे में क्या क्या बताऊँ मैं अब तुमसे ;
बस तुम जो पास से भी गुजर जाओ तो,  लड़ना सीखा देते हो मुश्किलों से ;

खुशकिस्मत हैं वो , अहसास या फिर जहन में रहते हो जिनके ;
इन्शा को इन्सानियत से भी प्रेम करना सिखाते हो , वो भी तो कभी अनजाने में तो कभी रंग मंच के बहाने से ;

शैतानी तो दूर अभिमान भी कभी मन में न आता है , जो वाक़िफ हो जाये तुम्हारे नपे तुले ही अंजाम से ,
धन्य हैं मानस वो भक्त , जिन्होंने दुःख को हृदय में वास कर पाये है ईश्वर दर्शन वो भी बड़े ही इत्मीनान से ;

मानस जिले सिंह
【 यथार्थवादी विचारक】
अनुयायी – मानस पँथ
उद्देश्य – समाज में शिक्षा, समानता व स्वावलंबन के प्रचार प्रसार में अपनी भूमिका निर्वहन करना।

6 COMMENTS

guest
6 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Garima Singh
Garima Singh
8 months ago

दुःख और सुख दोनों साथ ही रहते हैं कभी कम कभी ज्यादा मात्रा में | अतः हमारे संयम से हम कम कर सकते हैं अपने दुखों को लेकिन हां खत्म नहीं कर सकते |

बहुत उत्तम रचना आपकी | लिखते रहिए पढ़ते रहिए और ऐसे ही अपनी रचनाओं से हमारा मार्गदर्शन करते रहिए |

Amar Pal Singh Brar
Amar Pal Singh Brar
8 months ago

Valid point

Sanjay Nimiwal
Sanjay
8 months ago

राही मनवा दुख की चिंता

क्यों सताती है…

दुख तो अपना साथी है ।।।

Pawan Kumar
Pawan Kumar
8 months ago

Real life view

Latest

error: Alert: Content is protected, Thanks!!