शंकर द्वारा भक्ति की अवधारणा | शंकर की भक्ति
Meaning of Shankar’s Devotion | Definition of Shankar’s Devotion | Shankar Dvara Bhakti Ki Avdharna
|| Meaning of Shankar’s Devotion ||
शंकर के दर्शन में भक्ति एक सैद्धांतिक और आध्यात्मिक स्तर पर गहन है, परंतु यह मार्ग भावनात्मक सहजता और सगुण आस्था से रहित प्रतीत होता है।
वैराग्यमान्मबोधो भक्तिश्चेति त्रयं गतितम्।
मुक्तेर्माधनमावांस्तत्र विग्नोपिपट्टुष्टता प्रोक्ता ॥
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शंकर द्वारा भक्ति की अवधारणा | शंकर की भक्ति
मानस जिले सिंह
【यथार्थवादी विचारक 】
अनुयायी – मानस पंथ , शिष्य – प्रोफेसर औतार लाल मीणा
उद्देश्य – मानवीय मूल्यों की स्थापना हेतु प्रकृति के नियमों का यथार्थ प्रस्तुतीकरण में संकल्पबद्ध योगदान देना।

