Monday, November 28, 2022

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Shayri

नारी “” दासता को ढोती एक जिंदगी “”

Woman "" A Life carrying Slavery "" नारी "" दासता को ढोती एक जिंदगी "" अनकहे शब्द मेरे इर्द गिर्द जो मौजूद थे , आँखों के रास्ते...

“” किन्नर या दर्द की इन्तहा का मूर्त रूप “”

"" Transgender or The Embodiment of Pain "" "" किन्नर या दर्द की इन्तहा का मूर्त रूप "" लिखना नहीं है शौक मेरा , जब दिल में...

“” शिक्षा मात्र अक्षर ज्ञान नहीं “”

"" Education is not just Letter Knowledge "" "" शिक्षा मात्र अक्षर ज्ञान नहीं "" कौन और किसके लिए शिक्षा की अलख जगाने है आया , गलती...

“” प्रकृति के रंग या इंसान का फितूर “”

"" Nature's Colors "" "" प्रकृति के रंग या इंसान का फितूर "" इन्शा इन्शा को देख अपना ढंग बदलता है , मानो खरबूजा खरबूजे को देख...

” झूठ की गरिमा अब बढ़ चली “

The dignity of lie has Increased "" झूठ की गरिमा अब बढ़ चली "" झूठ ने शेखी बखारते हुए कहा , ईमान की कसम अब मेरा...

“” खुद से ज्यादा क़िस्मत पर यकीन “”

Believe in Luck more than Yourself "" खुद से ज्यादा क़िस्मत पर यकीन "" जब किस्मत से हर रोज़ लड़ता चला गया, वक़्त से अबूझ पहेली के...

“” जिंदादिली के आगे झुकती चुनोती “”

A helpless Challenge in front of Vivacity "" जिंदादिली के आगे झुकती चुनोती "" शेर कहने का सरूर तो है, बेशक शायर नहीं हैं हम ; दाद...

“” बदहवासी की हद या प्यार की तड़प “”

""The Extent of Madness or the Yearning of love" "" बदहवासी की हद या प्यार की तड़प "" जब जब सांस थोड़ी सी मंद होती है, न...

“‘ जुबान के साथ कर्म का भी ऐहतराम हो “”

Commitment should also be respectful "' जुबान के साथ कर्म का भी ऐहतराम हो "" हँसी वक़्त था, अपने रसूल की असीम नियामतों पर ऐतबार दिखाने का...

“” खुद पर यकीन भी और हालात की बेबसी भी “”

Confidence on myself and also helplessness with situation "" खुद पर यकीन भी और हालात की बेबसी भी "" मुकम्मल मुक़ाम, ना हासिल कर पाये इस...

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