Monday, January 12, 2026

Definition of Neglecting | उपेक्षा की परिभाषा

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उपेक्षा की परिभाषा | उपेक्षा का अर्थ
Definition of Neglecting | Meaning of Forgotten | Upeksha Ki Paribhasha 

| उपेक्षा |

“” किसी व्यक्ति या वर्ग के तिरस्कार की भावना में अनसुना करने की प्रवृत्ति ही उपेक्षा कहलाती है । “”

“” किसी को सहजता से अनजान रखने की मनोवृत्ति ही उपेक्षा कहलाती है । “”

वैसे “” उ “” से उलाहना जहां देने की परंपरा नहीं हो,
वहाँ व्यवहार में उस विषय की अदृश्यता होना लाजमी है ;
“” प “” से परोक्ष जहां ना कहने की आदत में खुमारी हो,
वहाँ अहंकार सातवें आसमान में चढ़कर असहायों को भी अनदेखा करता है ;

“” क्ष “” से क्षय जहाँ प्रेम व परमार्थ का होंना शुरू हो जाये,
वहाँ निरंकुशता व मतलबपरस्ती स्वभाव मे आना लाज़मी है;
“” वैसे उलाहना जहां परोक्ष व्यवहार में शामिल न हो,
वहाँ करूणा व दया के भी क्षय होने का रवैया ही उपेक्षा कहलाता है “”

“” उपेक्षा नकारात्मक विचारधारा से प्रेरित उस बन्दूक के गोली की तरह है,
जो सही समय, सही जगह व सही दिशा में हो तो विध्वंस से बचाती भी है;
वरना इससे विनाश और अलगाव तो सुनिश्चित है। “”

“” सकारात्मक विचारधारा का चुनाव ही स्वस्थ समाज की पूंजी भी है और
“” मानस “” की विचारशक्ति भी। “”

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उपेक्षा की परिभाषा | उपेक्षा का अर्थ

मानस जिले सिंह
【यथार्थवादी विचारक 】
अनुयायी – मानस पंथ
उद्देश्य – मानवीय मूल्यों की स्थापना हेतु प्रकृति के नियमों का यथार्थ प्रस्तुतीकरण में संकल्पबद्ध योगदान देना।

1 COMMENT

  1. अपेक्षा और उपेक्षा

    दोनो का ही होना गलत है।

    अपेक्षा खुद को घायल करती है,

    उपेक्षा दूसरों को ।।।

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