Sunday, April 21, 2024

Definition of Limitations | हद की परिभाषा

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हद की परिभाषा | हद क्या है
Definition of Limitations | Had Ki Paribhasha | Meaning of Margin

“” हद “”

“” अधिकार व दायित्व के प्रयोग करने तय सीमा ही हद कहलाती है। “”

“” कार्यव्यवहार की मर्यादा भी तो हद ही कहलाती है। “”

सामान्य परिप्रेक्ष्य में –

वैसे “” ह “” से हक़
“” द “” से दावेदारी पेश करना

“” हक़ की दावेदारी पेश जहां तक की जा सके वह हद कहलाती है।””

मानस के अंदाज में –

“” जहां पहरे किसी की पहुंच तय करते हैं तो वे भी हदें कहलाती हैं। “”

—- “” कायदे जहां विचारों में पाये जाते हैं तो वे हदें बन जाती हैं। “” —-

“” हदें जब टूटती हैं सकारात्मक दिशा में तो नये आयाम रचतीं हैं,

बिखरती हैं नकारात्मकता में तो सिर्फ अलगाव, विनाश व विध्वंस रचतीं हैं।

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हद की परिभाषा | हद क्या है

मानस जिले सिंह
【 यथार्थवादी विचारक】
अनुयायी – मानस पँथ
उद्देश्य – सामाजिक व्यवहारिकता को सरल , स्पष्ट व पारदर्शिता के साथ रखने में अपनी भूमिका निर्वहन करना।

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Sanjay Nimiwal
Sanjay
1 year ago

सटीक व्याख्या 🙏👌🙏

बहुत हदें पार की है,

अपनापन पाने के लिए ।

आज अपनो ने ही सिखा दिया,

अपनी हद मे रहना ।।

Amar Pal Singh Brar
Amar Pal Singh Brar
1 year ago

बहुत खूब

Amar Pal Singh Brar
Amar Pal Singh Brar
1 year ago

हद चले सो औलिया

अनहद चले सो पीर

हद अनहद दोनों चले

उसका नाम फकीर

ONKAR MAL Pareek
Reply to  Amar Pal Singh Brar
1 year ago

गज़ब बराड़ साहब

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