Tuesday, April 16, 2024

Meaning of Dialogue | हुक्मरान व उपेक्षित के बीच संवाद “”

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हुक्मरान व उपेक्षित के बीच संवाद | संवाद का अर्थ
Meaning of Dialogue | Definition of Dialogue | Dialogue Ki Paribhasha

Dialogue Between the Ruler and the Neglected
| हुक्मरान व उपेक्षित के बीच संवाद |

सूरज ने कहा –

जो इतना गर्मी से ही बिलबिला रहे हो तो सिर ही झुका दो,
वरना अपनी तपिश से झुलसा और जला भी सकता हूँ ;

एक बुलन्द आवाज़ में लड़खड़ाते हुए जलते चिराग़ ने जवाब दिया –

ऐ सूरज मत आग उगल, हम मुख्लिसों पर इतना जोर से ;
हम भी हैं, तेरे ही खैरख्वाहों में से ;
हम तो आगे ही लड़ रहे हैं जंग, अपने ही अस्तित्व की पहचान से ;

हम तो ना चाहते हैं भिड़ना , हक़ की लड़ाई के वास्ते अपने ही हुक्मरान से ;
हम वैसे हर तैयारी मुकम्मल रखते हैं, आने वाले दर्द ऐ सितम की बड़े ही इत्मिनान से ;

हमने पहले भी दिखाई कइयों को उनकी हैसियत कई बार, शिक्षा को ली है हमने कभी कृष्ण की व कभी हनुमान से ;
संघर्ष का हुनर भी बख़ूबी ही जानते हैं, क्योंकि हम जीते जो हैं रसूल के सच्चे ईमान पे।

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हुक्मरान व उपेक्षित के बीच संवाद | हुक्मरान का अर्थ

Manas Jilay Singh 【 Realistic Thinker 】
Follower – Manas Panth
Purpose – To discharge its role in the promotion of education, equality and self-reliance in social.

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