Tuesday, April 16, 2024

Dialogue with Laborer | पत्थर से मजदूर का संवाद

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मजदूर से संवाद परिभाषा | मजदूर से संवाद का अर्थ
Meaning of Dialogue with Laborer | Definition of Dialogue with Laborer | Samwad Ki Paribhasha

| Labour Conversation with Stone |

| पत्थर से मजदूर का संवाद |

ऐ पत्थर तूमने मुझसे, खूबसूरत किस्मत है जो पाई ;
भगवान मान लिया था जिसे दुनिया ने, तुझको ही तराश जो फिर अपनी कला दिखलाई ;
तीर कमान हाथ दे राम, बाँसुरी मुख पर सजा कृष्ण से भी दुनिया मिलवाई ;
हमने सँवारा तो बना दिल का शहंशाह , फिर भी तूने दुनिया से एक मजदूर की हैसियत से हमारी परिचय करवाई ;

किसी के रहने का महल हमने बनाया तो , राम के लिए मंदिर व खुदा के लिए मस्जिद भी बनाई ;
नग्न बदन को ढकने के लिए वस्त्र , तो कभी खुदा ढ़कने हेतु चद्दरें भी बनाई ;
सुरक्षा के लिए अस्त्र शस्त्र बनाये तो कभी , तुम्हारी सजावट की ख़ातिर आभूषण और पौशाकें भी बनाई ;
रहमत तेरी देख दिल भर आया , जो सिर ढकने को टूटी फूटी झोंपड़ी भी हमने भले कर्ज से ही क्यों न पाई ;

तुझको काटा जो इस तरह हीरा बना दिया , कभी दुर्गम पहाड़ पर भी पगडंडी बनाई ;
कभी गूंथा जो तेरी धूलि को इस तरह जो, ठंडे पानी के लिये भी फिर हमने सुराही भी बनाई ;
तू जीवंत रहे दिलों में सबके , इसलिये बना तस्वीर दुनिया को भी दिखलाई ;
कीमत भी तेरी नज़र में मुझसे कहीं ज्यादा अच्छी है, तब तो कोयले की ख़ातिर लाखों मजदूरों की जान भी दांव पर लगवाई ;

दो वक़्त रोटी की जुगाड़ ने रास्ते की ख़ाक छान , फिर भी लम्बी कतार ही पाई ;
हाड़ तोड़ मेहनत के बाद मजदूरी लेने में , घण्टों की हमसे इंतजार भी करवाई ;
बच्चे की ख्वाहिश ना रहे अधूरी , जिसके चलते बस आधी चुपड़ी ही हमने बारों बार खाई ;
तनख्वाह से न कटे नुकसान की कीमत, तो ना टूटे तूं 【 पत्थर 】इस कोशिश में अपनी ही जान गंवाई ;

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मजदूर से संवाद परिभाषा | मजदूर से संवाद का अर्थ

मानस जिले सिंह
【 यथार्थवादी विचारक】
अनुयायी – मानस पँथ
उद्देश्य – समाज में शिक्षा, समानता व स्वावलंबन के प्रचार प्रसार में अपनी भूमिका निर्वहन करना।

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Yogesh Sharma
Yogesh Sharma
1 year ago

बहुत सुंदर अकथनीय अभिव्यक्ति

ONKAR MAL Pareek
Member
1 year ago

इस दुनिया में लगभग लोग ऊपर कंगूरे यानी की मंडेरी या छज्जे की तरफ देखकर उसकी तारीफ करते है । कोई विरला ही होता है जो नीम में लगी ईंट के बारे में सोचता है । लोग ताजमहल की तारीफ में तो बहुत कशीदे पढ़ते है मगर जिन हाथों ने उसे बनाया संवारा उसको कोई याद तक नही करता । आज मजदूर दिवस के मौके पर मैं आपकी इस वेबसाइट के माध्यम से सब मजदूर भाईयो को नमन प्रणाम करता हूं । धन्य है ये लोग जो असंभव को भी बहुत धीरजता से संभव कर देते हैं ।

Sanjay Nimiwal
Sanjay
1 year ago

मजदूर दिवस की शुभकामनाएं,🙏🙏

उनकी गैरमौजूदगी में मंजिल हमेशा दूर है….

जो आपके ख्वाबों को पूरा करता है वो मजदूर है ।।।

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